मध्य प्रदेश की प्रमुख जनजातियाँ | Major Tribes of Madhya Pradesh
आज के इस post में हम मध्य प्रदेश की प्रमुख जनजातियाँ के बारे में विस्तार से जानेंगे। यह टॉपिक MPPSC, MP Police, Patwari, Forest Guard, SSC एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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मध्य प्रदेश की प्रमुख जनजातियाँ
भील जनजाति
निवास क्षेत्र → झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन
मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी जनजाति
भगोरिया हाट एवं लोकनृत्य हेतु प्रसिद्ध
गोंड जनजाति
निवास क्षेत्र → मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा
MP की दूसरी सबसे बड़ी जनजाति
गोंड चित्रकला एवं संस्कृति हेतु प्रसिद्ध
बैगा जनजाति
निवास क्षेत्र → डिंडोरी, मंडला, उमरिया
विशेष पिछड़ी जनजाति
“बेवार/दहिया” कृषि पद्धति हेतु प्रसिद्ध
कोरकू जनजाति
निवास क्षेत्र → बैतूल, हरदा, खंडवा
सतपुड़ा क्षेत्र की प्रमुख जनजाति
कृषि एवं वन आधारित जीवन शैली
सहरिया जनजाति
निवास क्षेत्र → शिवपुरी, गुना, अशोकनगर
विशेष पिछड़ी जनजाति
वन उत्पाद संग्रह हेतु प्रसिद्ध
भारिया जनजाति
निवास क्षेत्र → छिंदवाड़ा (पातालकोट)
औषधीय ज्ञान हेतु प्रसिद्ध
पातालकोट क्षेत्र की प्रमुख जनजाति
कोल जनजाति
निवास क्षेत्र → रीवा, सतना, सीधी
विंध्य क्षेत्र की प्रमुख जनजाति
कृषि एवं श्रम कार्य हेतु प्रसिद्ध
भिलाला जनजाति
निवास क्षेत्र → खरगोन, बड़वानी, धार
भील एवं राजपूत मिश्रित जनजाति
निमाड़ क्षेत्र में प्रमुख
अगरिया जनजाति
निवास क्षेत्र → मंडला, शहडोल
लौह कार्य एवं धातु शिल्प हेतु प्रसिद्ध
महत्वपूर्ण तथ्य
- सबसे बड़ी जनजाति → भील
- दूसरी सबसे बड़ी जनजाति → गोंड
- विशेष पिछड़ी जनजातियाँ → बैगा, भारिया, सहरिया
- भगोरिया उत्सव → होली से पहले मनाया जाता है
- पातालकोट → भारिया जनजाति
- गोंड चित्रकला → गोंड जनजाति
- बेवार/दहिया कृषि → बैगा जनजाति
One Liner Revision
- भील → झाबुआ
- गोंड → मंडला
- बैगा → बेवार कृषि
- कोरकू → सतपुड़ा क्षेत्र
- सहरिया → शिवपुरी
- भारिया → पातालकोट
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश की जनजातियाँ राज्य की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में इन जनजातियों से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, इसलिए इनके निवास क्षेत्र एवं विशेषताओं को याद रखना आवश्यक है।

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